"शायद वो अभी तक ठीक नहीं है,
शायद दिल अभी भी उनका कोई ज़ख्म पाले बैठा है,
शायद अभी भी कोई बात है कि वो आ रहे हैं जा रहे हैं,
पर ठहर नहीं रहे दो पल के लिए भी,
शायद कोई खता हमसे हुई है ,
शायद हम अभी तक माफ़ नहीं हुए हैं,
शायद कुछ राज है जो वो खोलना नहीं चाहते,
शायद कोई छोटी सी ही पर बड़ी बात है,
जो वो बोलना नहीं चाहते,
शायद उस रात कुछ अफवाहों के बादल ने,
ऐसे ढक लिया हो चाँद को कि वो निकलता तो है,
पर अब दिखता नहीं,
शायद आँखों की दरिया में कुछ हुआ है,
कि दिल की लहरें बिलकुल शांत हो गयी हैं,
खामोशियाँ पसर गयी हैं जिंदगी के किनारे पे,
धूल जले जा रहे हैं.....
मरे जा रहे हैं प्यास से,
शायद अभी और इन्हें मरना है,
शायद अभी और इंतज़ार बाकी है किस्मत में,
शायद खुदा ने मंजिल जिंदगी के आखिरी पन्ने पे लिखी है ,
शायद अभी और दुःख के पन्ने पलटने हैं ,
शायद वो अभी बहुत दूर हैं हमसे,
कोई तो बात है कि आज कल वो शबनम की बूँद की तरह,
फिसल जाते हैं दिल की दूभ पे गिरते ही,
शायद उन्हें मैं परेशान कर रहा हूँ,
शायद वो मुझे परेशान कर रहे हैं,
शायद वो खामोशियों में कुछ कह रहे हैं,
शायद मैं शब्दों में सुनना चाहता हूँ,
शायद तन्हाइयाँ एक लम्बा सागर हैं,
अभी और वक्त लगेगा इसे पार करने में ,
शायद वो उस पार बैठे हों तन्हाई के ,
शायद हम इस पार तलाश कर रहे हैं उन्हें ..,
शायद वो अगली बार जब मिले तो रुके कुछ देर ,
शायद वो केवल इसे पढ़े नहीं,
शायद वो इस बार कुछ समझे भी,
मुझे नासमझ बोलते हैं वो,
खुद बहुत बच्चे हैं अभी ,
शायद अब वो कुछ बड़े बने,
शायद अब वो हमें सुना करे समझा करे ,
शायद ये शायद दूर हो अब,
और वो आये ठहरे और कुछ बात बने.…
शायद !!!!"
-शशिष@4.58pm