"मेरे इन्द्रधनुष"
दिल की बात शब्दों के रंग में...
Friday, May 1, 2015
"यहाँ सांस अटक जाती है
तेरे ओझल होने भर से
और तू कहती है कि
यहीं तो थे
परेशान क्यों हो?!!!"
-शशिष@12.31am
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