Friday, July 27, 2012

एक मोहब्बत अधूरी सी जिन्दगी क्यों है
तू दिल में है तो फिर ये दुरी क्यों है

हौले हौले से हवा बहती है जब कभी
दिल पूछता है अक्सर तू मेरी मज़बूरी क्यों है

है आहटे और हर आहट में जिन्दा है तू
मेरी साँसों तुम्हें चलने के लिए वो जरुरी क्यों है

तू दिल में है तो फिर ये दुरी क्यों है......

Tuesday, July 24, 2012

इस से पहले कि साँसे रुक जाएँ
आ कुछ कदम साथ चल के देखते हैं
इस से पहले कि यादें मिट जाएँ
आ नैनों को फिर से रंग के देखते हैं

क्या हुआ कि दुनिया नाखुश है हमसे
आ खुद को खुद से खुश करके देखते हैं
इस से पहले कि सबकुछ बिखर जाए
आ खुद को खुद में सिमट कर देखते हैं

वैसे तो सबकुछ रह जायेगा येही
आ कुछ एहसास दिल से कमा के देखते हैं
इस से पहले कि दिल पत्थर हो जाए
आ इश्क दिल में सजा के देखते हैं
इस से पहले कि साँसे रुक जाएँ
आ हर बंदिस आज हटा के देखते हैं......!!!


Sunday, July 1, 2012

आ फिर से एक बार मिल के देखते हैं
दिलों को इक बार फिर से सिल के देखते हैं

गलतफहमियों को आ झोक दें आग में आज
आ कुछ कदम फिर से एक साथ चल के देखते हैं
आ फिर से एक बार मिल के देखते हैं

माना कि गलतियां मेरी थीं
पर क्या इस कदर इक नासमझ को राह में छोड़ के बढ़ते हैं
आ अब लौट आ
इक बार फिर से संग चल के देखते हैं
दिलों को इक बार फिर से सिल के देखते हैं

एक अरसे से मन में ग़मों का दरिया है
आ तबस्सुम की नाव इसमें खे के देखते हैं
वैसे भी हम कब से उलझे हुए हैं
आ इस बार बीच मझधार में फंस के देखते हैं
दिलों को इक बार फिर से सिल के देखते हैं
आ फिर इक बार मिल के देखते हैं....