एक मोहब्बत अधूरी सी जिन्दगी क्यों है
तू दिल में है तो फिर ये दुरी क्यों है
हौले हौले से हवा बहती है जब कभी
दिल पूछता है अक्सर तू मेरी मज़बूरी क्यों है
है आहटे और हर आहट में जिन्दा है तू
मेरी साँसों तुम्हें चलने के लिए वो जरुरी क्यों है
तू दिल में है तो फिर ये दुरी क्यों है......
तू दिल में है तो फिर ये दुरी क्यों है
हौले हौले से हवा बहती है जब कभी
दिल पूछता है अक्सर तू मेरी मज़बूरी क्यों है
है आहटे और हर आहट में जिन्दा है तू
मेरी साँसों तुम्हें चलने के लिए वो जरुरी क्यों है
तू दिल में है तो फिर ये दुरी क्यों है......