Friday, May 1, 2015

"जो तुमको देखा नहीं एक अरसे से
तो निगाहें अपना नूर खो बैठीं हैं
ये केवल दिल का कुसूर नहीं है प्रिय
मेरी तो रूह तक अपना सुकून खो बैठी है!"

-शशिष@9.43pm

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