Saturday, May 2, 2015

"एक झलक अपनी दिखा दीजिये
फिर चाहे मौत की सजा दीजिये!

हम नहीं बोलेंगे कुछ भी आपको
आइये दिल में आग लगा दीजिये!

बहुत अरसों से बरसात नहीं आई
आइये हमें फिर से रुला दीजिये!

अब सारे दर्द बहुत पुराने लगते हैं
देखिये इधर,फिर से मुस्कुरा दीजिये!

-शशिष@8.56pm

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