Monday, March 23, 2015

"केवल दर्द केवल जुदाई लिखता रहा ,
 तुम पास थे
और मैं फिर भी तन्हाई लिखता रहा,
अजीब घड़ी थी मोहब्बत की वो,
मैं मुस्कुराते लबों पे.
ग़मों की शहनाई लिखता रहा!"

केवल दर्द केवल जुदाई लिखता रहा.....

-शशिष कुमार तिवारी 
"हवाओं को कैद करने की बात अच्छी नहीं,
हवाओं से मत पूछों उनका पता क्या है!!!"

-शशिष  कुमार तिवारी 
"गर तेरे मेरे सपनों में
देश की कोई तस्वीर न हो
तो ऐसे सपनों से तो बेहतर
सपनों की कोई तस्वीर न हो!!!"

-शशिष कुमार तिवारी 
"देश प्रेम में सबकुछ खोकर जो बेफिक्र हँसता जाता है,
वही वीर भारत माँ का भगत सिंह कहलाता है!!!"

-शशिष कुमार तिवारी 

Saturday, March 21, 2015

 "एक ग़म तेरे नाम का ,
और पूरी जिंदगी कम है जीने के लिए!

एक तबस्सुम तेरे लबों पे ,
और मौत भी कम है रोने के लिए!!!"

-शशिष कुमार तिवारी 
"मैं तेरी आँखों के शहर में नया तो नहीं,
कुछ देर तो ठहरने की इजाजत दे दे !!!"

-शशिष कुमार तिवारी 
"यादों से तुम्हें निकाल भी दें तो चैन नहीं ,
बातों से तुम्हें निकाल भी दें तो चैन नहीं ,
आँखों से तो रोज निकलते हो तुम ,
ख्वाबों से तुम्हें निकाल भी दें तो चैन नहीं!!!"

-शशिष कुमार तिवारी 
"बेखबर नहीं थे ,
जानते थे सबकुछ ,
इश्क़ जानी समझी बर्बादी है ,
पर दिल के शौक भी ,
अधूरे तो नहीं रखने थे !

बेखबर नहीं थे....."

-शशिष कुमार तिवारी 
"दो तस्वीरें नहीं दी जिसने,
उससे दिल की क्या उम्मीद करते!"

-शशिष कुमार तिवारी