"मेरे इन्द्रधनुष"
दिल की बात शब्दों के रंग में...
Wednesday, May 6, 2015
"गर मोहब्बत जुर्म है तो हमें भी गुनहगार रहने दीजिये
हमें हर सजा क़ुबूल है इस जुर्म के लिए!!!"
-शशिष@3.55pm
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