Saturday, May 3, 2008

तुम्हीं से जुड़ा हूँ

मैं तुमसे अलग और तुम्हीं से जुड़ा हूँ
मैं तुम्हारी तबस्सुम का आशिक बड़ा हूँ

तुम मानो न मानो सच सच ही रहेगा
मैं तेरी चाहत में डूबा नशे की तरह हूँ

उतरोगे जिस दिन तुम दिल की गहराई में
जानोगे उस दिन मैं कैसा पागल प्रेमी रहा हूँ

सब सपने बिखर गए पर तुझे सजा के रखा
मैं तेरी अदाओं का पागल दीवाना रहा हूँ

                                मैं तुमसे अलग और तुम्हीं से जुड़ा हूँ ... 

मैं हैराँ हूँ

जब सपने कोई पुरे न हुए 
उम्मीदों के बाँध मिले टूटे हुए 
मुझे सिखाया था जिन अपनों ने 
गैरों से बचना 
मैं हैराँ हूँ वो अपने आज अपने न रहें 
सब रिश्ते खड़े हैं स्वार्थ के सहारे यहाँ 
दिल के रिश्ते किसी के पूरे न हुए
इक-दूजे को ठगने की इस अंधी दौड़ में 
प्रेम पीछे छुटा इंसा इंसा न रहें...  
...............जब सपने कोई पूरे न हुए!!!

वो चोरी से आंसूओं में छुप गई

वो समझ न सकी मेरी मोहब्बत कभी
मैं बिखरा टूट के जहाँ देखते रह गई

मैं! न जाने क्या बन गया पहले क्या था
हर सख्स हंस के गया मुझपे अपनी हंसी

मैं भूला खुद को अपनी हर मुस्कान को
बस वो हंस दे पलट के आँखे सोचते रह गई

दोस्तों ने कहा , अपनों ने कहा , बिखरते हर सपनो ने कहा
हटा दूं उसे अपने अन्दर से मैं
जब कोशिश की वो चोरी से आंसूओं में छुप गई

जब भी पूछा उस से मैंने अपनी कमी
 वो
पलके झुकाए 'कुछ नहीं' कह गई

वो समझ न सकी मेरी मोहब्बत कभी
मैं बिखरा टूट के जहाँ देखते रह गई ।

तुमने मुझे बचा लिया

तुमने अच्छा किया
मैं तुम्हारा शुक्रगुजार हूँ
कि तुमने मुझे धोखा दिया
तुम नहीं जानते
तुमने मुझे आने वाली
कितनी मुसीबतों से बचा लिया।

मेरी जाँ निकलती है

महक फूलों की अब नहीं बागों में मिलती है
याद आए जो उनकी ये मेरी जाँ निकलती है

बड़ी बेरहम है ये दुनिया जरा बच के रहना
देख तेरी खुशी "शशिष" पूरी कायनात जलती है

बड़ी धूप है बाहर तू छाता लेकर निकलना
ये नये युग की गर्मी है शाम होने पे और बढती है

खामोश ही रहना किसी से कुछ पूछना मत
हर सवाल पे यहाँ जान की धमकी निकलती है

क्या हुआ गर "शशिष" टूट गए हों कुछ रिश्ते तेरे
भला महज खुशी से कहाँ जिन्दगी सवरती है

महक फूलों की अब नहीं बागो में मिलती है  
याद आये जो उनकी ये मेरी जाँ निकलती है...

जरा सवर जाने दो

टूटने दो मुझे बिखर जाने दो
जिन्दगी मुझे जरा सवर जाने दो

गिरने दो मुझे चोट खाने दो
जिन्दगी मुझे जरा सवर जाने दो

हारने दो मुझे ठगे जाने दो
जिन्दगी मुझे जरा सवर जाने दो

पीछे रहने दो मुझे ठहर जाने दो
जिन्दगी मुझे जरा सवर जाने दो

कितना जीउं मैं अब तो मर जाने दो
जिन्दगी मुझे जरा सवर जाने दो .