Sunday, May 3, 2015

"आज कोई पास होकर भी
नहीं है मेरे पास
उदास है उसका मन शायद
शायद कुछ हुआ है
जो उसके मन का नहीं

और अफ़सोस है मुझे
कि मैं चाहते हुए भी
कुछ नहीं कर सकता
मैं उसका मन नहीं बदल सकता

आज महसूस हुआ है मुझे
अपने कमजोर होने का
वक्त आज भी मुझपे भारी रहा
वक्त ने आज फिर ये दिखाया
कि मेरे होने न होने से कुछ नहीं होता
कि जब वो ठीक होता है
तभी चलती है मेरी
वरना मेरे मुस्कुराने से
कोई मुस्कुरा नहीं लेता

आज कोई पास होकर भी
नहीं है मेरे पास
ऐ वक्त तू उसके हिस्से की
तमाम परेशानियां, दुःख दर्द
मेरे नाम लिख दे
मैं उफ़ तक नहीं बोलूंगा
मुझे लाख परेशानियां, दर्द, ज़ख्म,
सब क़ुबूल हैं
पर मुझे बिलकुल क़ुबूल नहीं
पास होकर भी उसका
पास ना होना मुझसे!!!"

-शशिष@11.51pm
 

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