"प्रिय तुमने
रुलाया है आज मुझे
शुक्रिया इसके लिए!
अरसों बाद मैं रोया हूँ इस कदर
मुझे अच्छा लग रहा है
रोना तुम्हारे लिए!
काफी अच्छा
महसूस कर रहा हूँ
मैं तुम्हारे इंतज़ार में
पल पल मर रहा हूँ
प्रिय ऐसे ही मारो मुझे
ऐसे ही दुःख दो मुझे
मैं कुछ नहीं बोलूंगा तुम्हें
ऐसे ही नज़रअंदाज़ करो मुझे
वैसे भी
मैं कौन हूँ तुम्हारे लिए
प्रिय तुमने
रुलाया है आज मुझे
शुक्रिया इसके लिए!
मैं यहाँ इस ओर
तब तक इंतज़ार करूँगा
जब तक कि
तुम आ ना जाओ
या फिर
जब तक ये कमबख्त साँसें
मेरा पीछा ना छोड़ दें
अजीब सा लग रहा है
जितनी बार ये साँसें आ जा रहीं हैं
ऐसा लग रहा है
उतनी बार मेरी मौत हो रही है
मैं चाहता हूँ बस एक बार मरना
प्रिय ये बार बार मरना
मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा
तुम चाहे जहाँ भी हो
जिस काम में हो
प्लीज् आ जाओ
मुझे बचा लो
ये साँसें मार रहीं हैं मुझे
ये आंसू डुबो रहे हैं मुझे
मुझे एक अजीब सी घुटन हो रही है
मेरा दम निकला जा रहा है
आ जाओ ना
क्या मेरी जिंदगी
तुम्हारे किसी काम की नहीं
क्या मेरा होना
कोई अर्थ नहीं रखता तुम्हारे लिए
क्या मेरे दुःख
तुम्हें थोड़ा भी नहीं सताते
क्या मेरे ये आंसू
महज पानी की बूँदें हैं तुम्हारे लिए
क्या मेरी मुस्कराहट का
मेरी ख़ुशी का
कोई महत्त्व नहीं तुम्हारे लिए???
प्रिय आओ एक बार
और दे दो इन सवालों के जवाब तुम
मुझे मरने का कोई डर नहीं
पर मैं सुकून से मरना चाहता हूँ
इक सुकून भरी जिंदगी के लिए न सही
एक सुकून भरी मौत के लिए ही सही
प्रिय आओ
आओ जाओ तुम!"
-शशिष@8.08pm
रुलाया है आज मुझे
शुक्रिया इसके लिए!
अरसों बाद मैं रोया हूँ इस कदर
मुझे अच्छा लग रहा है
रोना तुम्हारे लिए!
काफी अच्छा
महसूस कर रहा हूँ
मैं तुम्हारे इंतज़ार में
पल पल मर रहा हूँ
प्रिय ऐसे ही मारो मुझे
ऐसे ही दुःख दो मुझे
मैं कुछ नहीं बोलूंगा तुम्हें
ऐसे ही नज़रअंदाज़ करो मुझे
वैसे भी
मैं कौन हूँ तुम्हारे लिए
प्रिय तुमने
रुलाया है आज मुझे
शुक्रिया इसके लिए!
मैं यहाँ इस ओर
तब तक इंतज़ार करूँगा
जब तक कि
तुम आ ना जाओ
या फिर
जब तक ये कमबख्त साँसें
मेरा पीछा ना छोड़ दें
अजीब सा लग रहा है
जितनी बार ये साँसें आ जा रहीं हैं
ऐसा लग रहा है
उतनी बार मेरी मौत हो रही है
मैं चाहता हूँ बस एक बार मरना
प्रिय ये बार बार मरना
मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा
तुम चाहे जहाँ भी हो
जिस काम में हो
प्लीज् आ जाओ
मुझे बचा लो
ये साँसें मार रहीं हैं मुझे
ये आंसू डुबो रहे हैं मुझे
मुझे एक अजीब सी घुटन हो रही है
मेरा दम निकला जा रहा है
आ जाओ ना
क्या मेरी जिंदगी
तुम्हारे किसी काम की नहीं
क्या मेरा होना
कोई अर्थ नहीं रखता तुम्हारे लिए
क्या मेरे दुःख
तुम्हें थोड़ा भी नहीं सताते
क्या मेरे ये आंसू
महज पानी की बूँदें हैं तुम्हारे लिए
क्या मेरी मुस्कराहट का
मेरी ख़ुशी का
कोई महत्त्व नहीं तुम्हारे लिए???
प्रिय आओ एक बार
और दे दो इन सवालों के जवाब तुम
मुझे मरने का कोई डर नहीं
पर मैं सुकून से मरना चाहता हूँ
इक सुकून भरी जिंदगी के लिए न सही
एक सुकून भरी मौत के लिए ही सही
प्रिय आओ
आओ जाओ तुम!"
-शशिष@8.08pm
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