वो वक़्त क्या जब तेरी याद न आए
वो बात क्या जिसमे तेरी बात न आए
समय से दूर तुम छूटे न जाने कहा हो
किसी की आगोश में खोये न जाने कहा हो
क्या पुछू तुम्हारा पता इन वादियों से मैं
डरता हूँ कि फिर से खामोशियाँ न हो
पर मिलोगे जब कभी तुम मेरे वर्तमान से
ये तुमसे पुछ बैठेगा इक प्रश्न बड़े अभिमान से
----"बताओ तुम्हारा अतीत कहा है"
और फ़िर तुम शुन्य से हो जाओगे मानो अपने ज्ञान से
और उस शुन्य से उठेंगे पूछते कुछ स्वर
...." मेरे अतीत तुम कहा हो , मेरे अतीत तुम कहा हो ???"
वो बात क्या जिसमे तेरी बात न आए
समय से दूर तुम छूटे न जाने कहा हो
किसी की आगोश में खोये न जाने कहा हो
क्या पुछू तुम्हारा पता इन वादियों से मैं
डरता हूँ कि फिर से खामोशियाँ न हो
पर मिलोगे जब कभी तुम मेरे वर्तमान से
ये तुमसे पुछ बैठेगा इक प्रश्न बड़े अभिमान से
----"बताओ तुम्हारा अतीत कहा है"
और फ़िर तुम शुन्य से हो जाओगे मानो अपने ज्ञान से
और उस शुन्य से उठेंगे पूछते कुछ स्वर
...." मेरे अतीत तुम कहा हो , मेरे अतीत तुम कहा हो ???"