मैं तुमसे अलग और तुम्हीं से जुड़ा हूँ
मैं तुम्हारी तबस्सुम का आशिक बड़ा हूँ
तुम मानो न मानो सच सच ही रहेगा
मैं तेरी चाहत में डूबा नशे की तरह हूँ
उतरोगे जिस दिन तुम दिल की गहराई में
जानोगे उस दिन मैं कैसा पागल प्रेमी रहा हूँ
सब सपने बिखर गए पर तुझे सजा के रखा
मैं तेरी अदाओं का पागल दीवाना रहा हूँ
मैं तुमसे अलग और तुम्हीं से जुड़ा हूँ ...
मैं तुम्हारी तबस्सुम का आशिक बड़ा हूँ
तुम मानो न मानो सच सच ही रहेगा
मैं तेरी चाहत में डूबा नशे की तरह हूँ
उतरोगे जिस दिन तुम दिल की गहराई में
जानोगे उस दिन मैं कैसा पागल प्रेमी रहा हूँ
सब सपने बिखर गए पर तुझे सजा के रखा
मैं तेरी अदाओं का पागल दीवाना रहा हूँ
मैं तुमसे अलग और तुम्हीं से जुड़ा हूँ ...
2 comments:
तबस्सुम यानी? चिट्ठों की कलात्मक दुनिया में आपका स्वागत है।
muskurahat hota hai tabssum ka matlab. thanks.
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