"जब नफरत करना काफी नहीं रह जाता तो लोग आपके बारे में अफवाहें उड़ाने लगते हैं! दरअसल ऐसे लोग खुद की असफलताओं से बहुत हताश हो चुके होते हैं; कहीं न कहीं उनकी जिंदगी उदासियों और निराशाओं से घिरी होती है! और ऐसे में उनके पास आपकी बुराई करने के सिवा और कोई काम नहीं रह जाता! ऐसे लोग जो जीवन में खुद हताश हों; आपकी तरक्की से जलते हों, उनकी किसी भी बात पर ध्यान देना महज एक मूर्खता होती है! आप ऐसी स्तिथि में बेकार के सवालों का और अफवाहों का जवाब देने में अपना कीमती वक्त और दिमाग बर्बाद ना करें बल्कि अपना पूरा ध्यान अपने काम पे लगाएं! सामने वाले को उसका वक्त आपके बारें में बात कर के बर्बाद करने दें! जिन सवालों की हैसियत आपके कद से कहीं दूर दूर तक मिलती ही नहीं, वैसे सवालों से आपका कोई नाता नहीं होना चाहिए। जीवन में आगे बढ़ने के लिए बहुत सारे बेकार के सवालों का जवाब हमें शब्दों में देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए बल्कि सिर्फ मुस्कुरा देना चाहिए! कई सवाल खड़े होते हैं जब आप बड़े होते हैं! किसी रात अगर पूरी दुनिया भी मिलकर ये अफवाह उड़ा दे कि अब कभी कोई सूरज नहीं निकलेगा; कि अब कभी कोई भोर नहीं होगी, तो इससे सूरज की रोशनी पे कोई फर्क नहीं पड़ जायेगा! अफवाहों के बादल से सत्य कभी ढका नहीं जा सकता, हां कुछ पल के लिए ओझल जरूर किया जा सकता है! बेवकूफ होते हैं वो लोग जो अफवाहें फैलाते हैं और महाबेवकूफ होते हैं वो लोग जो उन बेवकूफ लोगों द्वारा फैलाये अफवाहों पर विश्वास करते हैं! अफवाहों और बेकार के सवालों को डस्टबिन में फेंक दीजिये उनकी सही जगह वही है!"
"अफवाहों की उम्र का
पता था मुझे
जो मैंने नकार दिया
मुस्कुरा कर
पहली नज़र में ही उन्हें
वो बर्बाद हो गईं
पल भर में तड़पते तड़पते!"
-शशिष
"अफवाहों की उम्र का
पता था मुझे
जो मैंने नकार दिया
मुस्कुरा कर
पहली नज़र में ही उन्हें
वो बर्बाद हो गईं
पल भर में तड़पते तड़पते!"
-शशिष
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