Monday, November 21, 2016

"दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत लोगों के पास कोई खास सपने नहीं होते! वो अपनी जिंदगी को बिलकुल वैसे ही जीते हैं जैसे उनके बाप-दादाओं ने जी होती है! उनके पास कुछ नया और बड़ा करने की कोई सोच नहीं होती। वो एक साधारण सी जिंदगी जीने में कितनी दफे मरते हैं ये उन्हें भी नहीं पता होता! वो लोग जो सपने नहीं देखते दरअसल अपने अंदर झांक के नहीं देखते। वो अपने बारे में कुछ खास नहीं जानते; वो क्या कर सकते हैं और क्या नहीं कर सकते हैं इस बात का निर्धारण उनके कुछ ऐसे संबंधी लोग करते हैं जो खुद ही जिंदगी को काट रहे होते हैं और जिनके लिए जिंदगी का मतलब एक सरकारी नौकरी और सुरक्षा से बढ़कर और कुछ नहीं होता! जब आपको सलाह देने वाले लोगों की सोच आपकी सोच से बढ़कर नहीं होती तो वो सलाह के बदले आपको डर देते हैं! और जब आपको सलाह देने वाले लोगों की सोच आपकी सोच से मिलती है या बढ़कर कर होती है तो वो आपको सलाह के साथ साथ हौसला देते हैं! जिंदगी में बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आप सलाह किससे लेते हैं; आप किसके साथ अपने सपनों को साझा करते हैं! याद रखिये जो लोग आपसे ये कहते हैं कि आप अपने सपनों को नहीं पा सकते वो दरअसल ये कहते हैं कि वो अगर आपकी जगह होते तो ऐसे बड़े सपनों को पाने में अपना वक्त बर्बाद नहीं करते बल्कि कुछ छोटा सोचते और आराम से जीते! अब सवाल ये हैं कि क्या आप भी उनकी तरह ही जीना चाहते हैं; क्या आपके लिए भी आराम ही सर्वोपरि है; क्या आप भी संघर्ष करते रहने से बचना चाहते हैं; क्या आपको भी संघर्ष एक बोझ की तरह लगता है; क्या आप भी केवल खुद के बारे में सोचना चाहते हैं; क्या आप भी हार मान जाना चाहते हैं???
जवाब दीजिये!!!

"उनकी बातों का विश्वास मत कीजिये
जिनकी बातों में
आपकी बातों जैसा दम नहीं!
आपको झूठे हौसलों की जरुरत क्या है
आपकी सांसें आपके साथ है
ये भी तो कुछ कम नहीं!

चलते रहने से मंजिल मिल ही जाती है
आज नहीं तो कल मुसीबत टल ही जाती है,
डरने वालों के हाथों में कुछ नहीं होता
लड़ने वालों की किस्मत खिल ही जाती है!"

-शशिष



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