Wednesday, November 16, 2016

"कुछ लोग
मेरी आँखों में
खुशियों के पौधे बो गए
और
कुछ लोगों ने
मुझको ये सिखलाया
कि पौधे यूंही बड़े नहीं होते!"

-शशिष

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