Monday, April 27, 2015

"गीत मेरे अपने लबों पे तुम सजा के देखना
दर्द मेरे अपने दिलों में तुम बसा के देखना

तुम भी रोओगे जरूर, आंसू आ ही जाएंगे
मुझको दुनिया से  कभी, तुम हटा के देखना

खुश नहीं रह पाओगे जीत लो दुनिया भी तो
गर भरोसा न हो तो मुझको गवां के देखना

छोड़ दुनिया को तेरी बाहों में आऊंगा जरूर
याद मुझको कर कभी आंसू बहा के देखना

गर कभी ऐसा लगे कि तू नहीं दिल में मेरे
जा दिया कि छूट मुझको आजमा के देखना!"

-शशिष@7.37pm



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