"मेरे इन्द्रधनुष"
दिल की बात शब्दों के रंग में...
Monday, April 27, 2015
"तुम हो और तुम हो भी नहीं
कुछ है और कुछ है भी नहीं
आसमा उदास होकर बैठा है
जमीं सूखी है और प्यास है भी नहीं!"
-शशिष@4.03pm
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