"तुम आ जाओ
तो साथ में खुशियों की चादर बनाएंगे
और फिर उसे हम
अपने हौसलों पर बिछायेंगे
फिर चैन से सोयेंगे हम
ख्वाबों की एक गहरी नींद
और असली चाँद को
बहला के फुसला के जमी पे लाएंगे
तुम आ जाओ
तो साथ में खुशियों की चादर बनाएंगे!"
-शशिष@3.36am
तो साथ में खुशियों की चादर बनाएंगे
और फिर उसे हम
अपने हौसलों पर बिछायेंगे
फिर चैन से सोयेंगे हम
ख्वाबों की एक गहरी नींद
और असली चाँद को
बहला के फुसला के जमी पे लाएंगे
तुम आ जाओ
तो साथ में खुशियों की चादर बनाएंगे!"
-शशिष@3.36am
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