Sunday, April 26, 2015

"दूर रह गर तेरे लिए दूरियां जरुरी हैं
हटा मुझे गर तेरे लिए मजबूरियां जरुरी हैं

आ जला डाले डायरी इश्क वाली हम
गर तेरे लिए लोगों की फब्तियां जरुरी हैं!"

-शशिष@4.21am




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