दिल में भी इक आग का...
दिल में भी इक आग का लगना जरुरी है
बनने के लिए हीरा जमीं में तपना जरुरी है
यूहीं खामों-खा नहीं होती पूरी हसरतें दिल की
छूने के लिए आकाश कुछ तो गिरना जरुरी है
यूं तो बड़ा आसां है इश्क की शुरुवात कर देना
पूरा करने के लिए इसको हद से गुजरना जरुरी है
केवल शब्दों से नहीं बदलते हालात मौसम के
बदलने के लिए दुनिया खुद को बदलना जरुरी है
यूं तो ऊंचाईयों पर हो हर शख्स का चेहरा
कुछ करने के लिए अदभुत जिगर का रहना जरुरी है
-शशिष कुमार तिवारी
(7.00pm, 1st July 2013 at Patna)
{www.shashishkavi.blogspot.com}
दिल में भी इक आग का लगना जरुरी है
बनने के लिए हीरा जमीं में तपना जरुरी है
यूहीं खामों-खा नहीं होती पूरी हसरतें दिल की
छूने के लिए आकाश कुछ तो गिरना जरुरी है
यूं तो बड़ा आसां है इश्क की शुरुवात कर देना
पूरा करने के लिए इसको हद से गुजरना जरुरी है
केवल शब्दों से नहीं बदलते हालात मौसम के
बदलने के लिए दुनिया खुद को बदलना जरुरी है
यूं तो ऊंचाईयों पर हो हर शख्स का चेहरा
कुछ करने के लिए अदभुत जिगर का रहना जरुरी है
-शशिष कुमार तिवारी
(7.00pm, 1st July 2013 at Patna)
{www.shashishkavi.blogspot.com}
No comments:
Post a Comment