बस दो पंक्तियाँ---
मेरी ख़ामोशी तेरे दिल तक चली जाए तो कह देना
मेरी आँखों की नमीं रूह तक तेरी चल जाए तो कह देना
मैं फिर से जला दूंगा चिराग आँधियों से लड़ के
कोई जब साथ ना दे तेरा प्रिय इक बार कह देना...!
-शशिष कुमार तिवारी
(6.59pm, 3rd July 2013 at Hazaribag)
मेरी ख़ामोशी तेरे दिल तक चली जाए तो कह देना
मेरी आँखों की नमीं रूह तक तेरी चल जाए तो कह देना
मैं फिर से जला दूंगा चिराग आँधियों से लड़ के
कोई जब साथ ना दे तेरा प्रिय इक बार कह देना...!
-शशिष कुमार तिवारी
(6.59pm, 3rd July 2013 at Hazaribag)
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