Sunday, July 7, 2013

बस दो पंक्तियाँ---

बस दो पंक्तियाँ---

"जब भी आई तू याद प्रिय
नैनों को समझाने में गुजरी रात प्रिय।"

-शशिष कुमार तिवारी
(8.29pm, 7th July 2013 at Patna)

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