बस दो पंक्तियाँ---
"अभी तो लम्बा सफ़र है
और ऊंचाईयां भी बाकि हैं
अभी तो हज़ार हुए हैं
करोड़ों दिल पे राज बाकि है।"
-शशिष कुमार तिवारी
(8.36pm, 7th July 2013 at Patna)
"अभी तो लम्बा सफ़र है
और ऊंचाईयां भी बाकि हैं
अभी तो हज़ार हुए हैं
करोड़ों दिल पे राज बाकि है।"
-शशिष कुमार तिवारी
(8.36pm, 7th July 2013 at Patna)
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