"मेरे इन्द्रधनुष"
दिल की बात शब्दों के रंग में...
Monday, July 8, 2013
बस दो पंक्तियाँ---
"मैं जमीं तुम धूल
भला कब तक उड़ोगे हवाओं में
प्रिय ये न भूलो
तुम जहां भी जाओ
तुम्हें समाना है मेरी ही बाँहों में।"
-शशिष कुमार तिवारी
(5.05pm, 8th July 2013 at Patna)
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