बस दो पंक्तियाँ---
"मेरी निगाहें तुझको ढूंढती हैं हर मंजर में
जबकि दिल को पता है तू है मेरे ही अन्दर में।"
-शशिष कुमार तिवारी
(2.42pm, 9th July 2013 at Patna)
"मेरी निगाहें तुझको ढूंढती हैं हर मंजर में
जबकि दिल को पता है तू है मेरे ही अन्दर में।"
-शशिष कुमार तिवारी
(2.42pm, 9th July 2013 at Patna)
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