"यूँ अकेले अकेले"
खुशियाँ नहीं मिलती
ग़म नहीं मिलते
यूँ अकेले अकेले
जिन्दगी के
मौसम नहीं मिलते.
थी हसरते मिलने की
पर क्या करें खुदा
कभी वो नहीं मिलते
कभी हम नहीं मिलते
यूँ अकेले अकेले
जिन्दगी के
मौसम नहीं मिलते
इक उम्मीद है बाकि
और कुछ नहीं है पास
इश्क के रस्ते में
सच है
सबको हमदम नहीं मिलते
यूँ अकेले अकेले
जिन्दगी के
मौसम नहीं मिलते
जब तक सांस बाकि है
मिल लिया करो
जो कुछ भी हो शिकवा-गिला
कह दिया करो
अफ़सोस के आँगन में
हकीकत में सनम नहीं मिलते
यूँ अकेले अकेले
जिन्दगी के
मौसम नहीं मिलते।।।
-शशिष कुमार तिवारी
खुशियाँ नहीं मिलती
ग़म नहीं मिलते
यूँ अकेले अकेले
जिन्दगी के
मौसम नहीं मिलते.
थी हसरते मिलने की
पर क्या करें खुदा
कभी वो नहीं मिलते
कभी हम नहीं मिलते
यूँ अकेले अकेले
जिन्दगी के
मौसम नहीं मिलते
इक उम्मीद है बाकि
और कुछ नहीं है पास
इश्क के रस्ते में
सच है
सबको हमदम नहीं मिलते
यूँ अकेले अकेले
जिन्दगी के
मौसम नहीं मिलते
जब तक सांस बाकि है
मिल लिया करो
जो कुछ भी हो शिकवा-गिला
कह दिया करो
अफ़सोस के आँगन में
हकीकत में सनम नहीं मिलते
यूँ अकेले अकेले
जिन्दगी के
मौसम नहीं मिलते।।।
-शशिष कुमार तिवारी
No comments:
Post a Comment