Thursday, May 23, 2013

युहीं सितारों से चमकते रहो तुम
युहीं खुश्बुवों से महकते रहो तुम

छू लो आसमा को और हाथों में चाँद भर लो
युहीं हवाओं से आगे बढ़ते रहो तुम

है कुछ भी नामुमकिन नहीं तुम्हारे वास्ते
खुदा की खिदमत में हर रोज सवरते रहो तुम


-शशिष कुमार तिवारी




No comments: