तुम
तुम हो
तो तुम तक ही है
मेरा जीना
तुम तक ही है
साँसों की पहुँच
और
तुम तक ही है
मेरा होना
पर जब
तुम न हो
तो फिर भी है
सब कुछ
यहाँ तक की तुम भी
बस मुझे छोड़ के ...
कभी मैं सोचूं
तो
हूँ बिलकुल बेवकूफ सा
लेकिन
ख़त्म नहीं कर सकता
ये अपनी बेवकूफी
क्योंकि
इसके होने में तुम हो
और
पता है ?
मैंने नहीं किया
ख़त्म खुद को भी
आज तक
क्योंकि
मेरे होने में भी
तुम हो
और तुम ही रहोगे
सदियों तक ...!!!
-शशिष कुमार तिवारी
तुम हो
तो तुम तक ही है
मेरा जीना
तुम तक ही है
साँसों की पहुँच
और
तुम तक ही है
मेरा होना
पर जब
तुम न हो
तो फिर भी है
सब कुछ
यहाँ तक की तुम भी
बस मुझे छोड़ के ...
कभी मैं सोचूं
तो
हूँ बिलकुल बेवकूफ सा
लेकिन
ख़त्म नहीं कर सकता
ये अपनी बेवकूफी
क्योंकि
इसके होने में तुम हो
और
पता है ?
मैंने नहीं किया
ख़त्म खुद को भी
आज तक
क्योंकि
मेरे होने में भी
तुम हो
और तुम ही रहोगे
सदियों तक ...!!!
-शशिष कुमार तिवारी
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