"तुम्हें कुछ देर और रुकना था
थोड़ी देर और
इंतज़ार करना था मेरा
मैं था
हाँ मैं था प्रिय
मैं रस्ते में था
क्या हवाओं ने तुम्हें कुछ बताया नहीं था
क्या बादलों ने कुछ इशारे नहीं किये थे
क्या साँसें तेज नहीं हुईं थीं तुम्हारी
मैं था प्रिय
वहीँ उसी रस्ते में
जहाँ से शायद कुछ देर पहले
आगे बढ़े होगे तुम
छोड़ कर मेरा इंतज़ार वहीँ पीछे कहीं!"
-शशिष
थोड़ी देर और
इंतज़ार करना था मेरा
मैं था
हाँ मैं था प्रिय
मैं रस्ते में था
क्या हवाओं ने तुम्हें कुछ बताया नहीं था
क्या बादलों ने कुछ इशारे नहीं किये थे
क्या साँसें तेज नहीं हुईं थीं तुम्हारी
मैं था प्रिय
वहीँ उसी रस्ते में
जहाँ से शायद कुछ देर पहले
आगे बढ़े होगे तुम
छोड़ कर मेरा इंतज़ार वहीँ पीछे कहीं!"
-शशिष
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