Sunday, April 26, 2015

"दीया बुझाया पर रात न हुई
कोशिश की पर रात न हुई

बहुत पुकारा नींद को हमने
पर मुकम्मल ये आवाज़ न हुई

रात पल पल कर के जाती रही
पर पूरी खुद से बात न हुई

वो यूँ तो मेरे पास ही था
फिर भी उससे मुलाकात न हुई

दीया बुझाया पर रात न हुई........!!!"

-शशिष@4.56am



No comments: