"मेरे इन्द्रधनुष"
दिल की बात शब्दों के रंग में...
Sunday, April 26, 2015
"जिंदगी को कुछ रात तो
जागने दीजिये
केवल रौशनी काफी नहीं
जरुरी है शब का भी इल्म जीने के लिए!"
-शशिष@4.34am
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