"ढ़ेर सारी बातें
करनी थी तुमसे
भागा भागा आया था
जल्दी से मैं
कई किस्से सुनाने थे
तुम्हें आज के
पर अफ़सोस
हर बार भाग के आने से
जरुरी तो नहीं
किसी का मिल जाना
जैसे कि आज
तुम भी नहीं मिले
पर कोई बात नहीं
तन्हाइयों को सुना देता हूँ
तुम्हारे बदले
मैं अपने तमाम किस्से
और ये सुनेंगी भी
मेरी हर फ़ालतू बातें
क्योंकि इन्हें
ये कहने नहीं आता
कि 'रात काफी हो गयी है
चलो फिर कल बात करते हैं'!!!"
-शशिष@11.43pm
करनी थी तुमसे
भागा भागा आया था
जल्दी से मैं
कई किस्से सुनाने थे
तुम्हें आज के
पर अफ़सोस
हर बार भाग के आने से
जरुरी तो नहीं
किसी का मिल जाना
जैसे कि आज
तुम भी नहीं मिले
पर कोई बात नहीं
तन्हाइयों को सुना देता हूँ
तुम्हारे बदले
मैं अपने तमाम किस्से
और ये सुनेंगी भी
मेरी हर फ़ालतू बातें
क्योंकि इन्हें
ये कहने नहीं आता
कि 'रात काफी हो गयी है
चलो फिर कल बात करते हैं'!!!"
-शशिष@11.43pm
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