जिंदगी के पन्नों से----
"कुछ आदतें बदलनी हैं मुझे
कुछ आदतों ने बहुत रुलाया है हमें
कुछ रिश्तों को करना है फिर से परिभाषित
कुछ रिश्तों ने बहुत उलझाया है हमें!!!"
-शशिष कुमार तिवारी
(11.30am, 15th April 2015, New Delhi)
"कुछ आदतें बदलनी हैं मुझे
कुछ आदतों ने बहुत रुलाया है हमें
कुछ रिश्तों को करना है फिर से परिभाषित
कुछ रिश्तों ने बहुत उलझाया है हमें!!!"
-शशिष कुमार तिवारी
(11.30am, 15th April 2015, New Delhi)
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