Tuesday, April 14, 2015

जिंदगी के पन्नों से----

"कुछ आदतें बदलनी हैं मुझे
कुछ आदतों ने बहुत रुलाया है हमें
कुछ रिश्तों को करना है फिर से परिभाषित
कुछ रिश्तों ने बहुत उलझाया है हमें!!!"

-शशिष कुमार तिवारी
(11.30am, 15th April 2015, New Delhi)

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