Monday, March 23, 2015

"केवल दर्द केवल जुदाई लिखता रहा ,
 तुम पास थे
और मैं फिर भी तन्हाई लिखता रहा,
अजीब घड़ी थी मोहब्बत की वो,
मैं मुस्कुराते लबों पे.
ग़मों की शहनाई लिखता रहा!"

केवल दर्द केवल जुदाई लिखता रहा.....

-शशिष कुमार तिवारी 

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