पहली बार हाइकू लिखने का प्रयास---
---ख़्वाब---
ख़्वाब सजाया
जिस दिन तुम्हारा
जीवन पाया
स्वप्न टूटते
फिर भी न हाराते
पग बढ़ते
सपने सारे
कभी पुरे न होते
दिल के मेरे
स्वप्न है उड़ें
नीले आसमान में
चिड़िया जैसे
सपने जागें
नींद उड़ी फिर से
आँखों की मेरी
जिंदगी देखी
सपनों में तुम्हारें
जन्नत लगी
सपने तेरे
सच होंगे जरुर
विश्वास कर
ख्वाब देखने
जब कभी निकला
देखा तुमको
प्यार तुम्हारा
ख़्वाब इस दिल का
देदो अब तो
प्यार ये मेरा
तुम्हें जरूर देगा
स्वप्न हज़ार
-शशिष कुमार तिवारी
(15th April 2014, 3.52am, Kota)
---ख़्वाब---
ख़्वाब सजाया
जिस दिन तुम्हारा
जीवन पाया
स्वप्न टूटते
फिर भी न हाराते
पग बढ़ते
सपने सारे
कभी पुरे न होते
दिल के मेरे
स्वप्न है उड़ें
नीले आसमान में
चिड़िया जैसे
सपने जागें
नींद उड़ी फिर से
आँखों की मेरी
जिंदगी देखी
सपनों में तुम्हारें
जन्नत लगी
सपने तेरे
सच होंगे जरुर
विश्वास कर
ख्वाब देखने
जब कभी निकला
देखा तुमको
प्यार तुम्हारा
ख़्वाब इस दिल का
देदो अब तो
प्यार ये मेरा
तुम्हें जरूर देगा
स्वप्न हज़ार
-शशिष कुमार तिवारी
(15th April 2014, 3.52am, Kota)
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