बस दो पंक्तियाँ---
"जिस हंसी रात में तुझको देखा था,
उस हंसी रात ने मुझे रौशनी दी है!"
-शशिष कुमार तिवारी
(15th April 2014, 3.08am, Kota)
"जिस हंसी रात में तुझको देखा था,
उस हंसी रात ने मुझे रौशनी दी है!"
-शशिष कुमार तिवारी
(15th April 2014, 3.08am, Kota)
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