"मेरे इन्द्रधनुष"
दिल की बात शब्दों के रंग में...
Friday, July 5, 2013
बस दो पंक्तियाँ---
बस दो पंक्तियाँ---
"मैं अपने शब्दों में सही होता हूँ
लोग गलत समझे तो क्या करूँ
मैं अपनी नीयत में साफ़ होता हूँ
लोग अन्दर से हो जले तो क्या करूँ!!!"
-शशिष कुमार तिवारी
(7.03pm, 5th July 2013 at Patna)
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment