Wednesday, July 31, 2013

बस दो पंक्तियाँ---

"मेरे दिल के आँगन में तेरी यादो की इक तुलसी 
हर रोज मुझको और जिन्दा कर जाती है."

-शशिष  कुमार तिवारी 
(12.26pm, 1st Aug 2013 at Patna) 

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