बस दो पंक्तियाँ---
"मेरी किस्मत में चाँद तारे न थे
वो हसीन खूबसूरत नज़ारे न थे
बड़ी मुश्किल से पहुंचे हैं यहाँ तक प्रिय
सफ़र आप जैसे आसान हमारे न थे।"
-शशिष कुमार तिवारी
(9.06pm, 15th July 2013 at Hazaribag)
"मेरी किस्मत में चाँद तारे न थे
वो हसीन खूबसूरत नज़ारे न थे
बड़ी मुश्किल से पहुंचे हैं यहाँ तक प्रिय
सफ़र आप जैसे आसान हमारे न थे।"
-शशिष कुमार तिवारी
(9.06pm, 15th July 2013 at Hazaribag)
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