बस दो पंक्तियाँ---
"तेरे लबो पे एक मुस्कान की खातिर
हम पागल हुए इश्क में उड़ान की खातिर।"
-शशिष कुमार तिवारी
(8.21pm, 15th July 2013 at Hazaribag)
"तेरे लबो पे एक मुस्कान की खातिर
हम पागल हुए इश्क में उड़ान की खातिर।"
-शशिष कुमार तिवारी
(8.21pm, 15th July 2013 at Hazaribag)
No comments:
Post a Comment