Friday, July 12, 2013

बस दो पंक्तियाँ---

"मेरे अपने ही लोगों ने मुझे अनजाना बना दिया 
तुझसे इश्क क्या किया बेगाना बना दिया।" 

-शशिष कुमार तिवारी 
(2.18pm, 12th July 2013 at Patna)

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