Tuesday, May 14, 2013

माँ 
तुम बिन
अगर सबकुछ भी हो
तो है
बस कुछ नहीं जितना,
और जब तुम हो
तो कुछ नहीं भी है
सबकुछ जितना।
तुम्हीं समग्र हो
सम्पूर्ण हो
और हो शाश्वत
प्रारंभ से अंत तक !

-शशिष कुमार तिवारी 

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