Friday, May 31, 2013

बस दो लाईनें---

"मेरी ही गलतियाँ अक्सर सिखाती हैं बहुत मुझको
कभी खामोश बैठू तो रुलाती हैं बहुत मुझको।"

-शशिष कुमार तिवारी
(8.12pm, 31st May at Hazaribag)


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