सितारें जमी पे हैं
क्योकिं रास्ता आसमां का उन्हें पता नहीं
नदी नदी है तब तक ही
जब तक समंदर उसे कोई मिला नहीं
और वो कमल कीचड़ में हैं
क्योकिं महलों ने उसको सींचा नहीं
और है कीमती हीरा भी कोयला तब तक
जब तक जोहरी ने उसको देखा नहीं ...
क्योकिं रास्ता आसमां का उन्हें पता नहीं
नदी नदी है तब तक ही
जब तक समंदर उसे कोई मिला नहीं
और वो कमल कीचड़ में हैं
क्योकिं महलों ने उसको सींचा नहीं
और है कीमती हीरा भी कोयला तब तक
जब तक जोहरी ने उसको देखा नहीं ...
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