"फिर से एक नई शुरुवात करेंगे"
ये कसम खाते हैं
कि तेरे साथ जियेंगे तेरे साथ मरेंगे
ये मंजूर है कि आज फिर से एक नई शुरुवात करेंगे
तोड़ ले वो उन्हें जितना दम
खामोश हैं, अभी नहीं कोई बात करेंगे
हाँ बस इतना याद रखना कि तुझे याद रखेंगे
ये मंजूर है कि आज फिर से एक नई शुरुवात करेंगे
अच्छा है सबके रंग सामने आये तो आखिर
कोई हो न हो अब कम से कम खुद तो खुद के साथ रहेंगे
हमें रुलाने वाले बस इतना याद रखना खुदा तुझे रुला के रहेंगे
हाँ ये मंजूर है इस दिल को कि फिर से एक नई शुरुवात करेंगे
जमाना देखेगा कि किसमे कितना दम छुपा है
पीछे से नहीं हम खुल के आगे से वार करेंगे
ये भूल जाना कि हम तुम्हारे किये को भूल जायेंगे
रोओगे तुम भी एक दिन जब तुम्हारी जिन्दगी में हम सैकड़ो काश पैदा करेंगे
आज मंजूर है हमें कि फिर से एक नई शुरुवात करेंगे!!!
No comments:
Post a Comment