Friday, April 25, 2008

सच का अनुभव

मुझे न समझाओ
सुबह के होने का अर्थ
मैंने अपनी जिन्दगी बिताई है
रात के साथ। 
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मैं हर रात 
सपनो को ओढ़ के सोता हूँ 
और फिर जैसे ही सुबह होती है 
उन्हें सिमेट वही विस्तर पे छोड़ देता हूँ ! 

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