Friday, December 2, 2016

"मुझे मार डालो मेरी ही ख़ुशी के लिए
तनहाइयाँ काफी नहीं हर किसी के लिए

यूं बिन तेरे जीने का भी जिक्र किससे करें
सांस नहीं रक्खी हमने मुफ़लिसी के लिए!"

-शशिष



"ना गीता गलत है ना कुरान गलत है
जो न समझे इंसानियत वो इंसान गलत है!"

शशिष 

No comments: