"है तुम्हारा इंतज़ार मुझे
क्या ये बात पता है तुम्हें?
अगर हाँ
तो ठीक है तुम्हें जितना मन
मुझे इंतज़ार कराओ
मैं थकूंगा नहीं तुम्हारा इंतज़ार करने में
प्रिय बस मैं चाहता हूँ
तुम्हें ये एहसास दिलाते रहना
कि मैं बैठा हूँ यहाँ
तुम्हारे इंतज़ार में
खुद भी इक इंतज़ार बनके!"
क्या ये बात पता है तुम्हें?
अगर हाँ
तो ठीक है तुम्हें जितना मन
मुझे इंतज़ार कराओ
मैं थकूंगा नहीं तुम्हारा इंतज़ार करने में
प्रिय बस मैं चाहता हूँ
तुम्हें ये एहसास दिलाते रहना
कि मैं बैठा हूँ यहाँ
तुम्हारे इंतज़ार में
खुद भी इक इंतज़ार बनके!"
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