Saturday, April 25, 2015

"तुम जब भी बोलते हो
कि सो जाओ रात काफी हो गयी है
मुझे ऐसा लगता है
कि हुई हो मेरी भोर अभी
रात तो सदियों से चल रही थी
अब तो जाके रौशनी हुई है!"

-शशिष 

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