Saturday, April 25, 2015

"चंद लम्हों में यहाँ जिंदगी मौत में बदल जाती है
जबकि ज़माने लग जाते हैं जिंदगी को जिंदगी बनने के लिए!"

-शशिष कुमार तिवारी 

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